रविवार 5 अप्रैल 2026 - 12:05
शेख अल-क़त्तान ने कब्जाधारी इज़राइल की कैदियों के खिलाफ नीतियों की निंदा कर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया

लेबनान के सुन्नी धर्मगुरु और "क़ौलना वल अमल" संगठन के प्रमुख ने एक बयान में फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों को मारने की कब्जाधारी इज़राइल की आपराधिक नीतियों की निंदा की है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुवाद समूह की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के सुन्नी धर्मगुरु और "क़ौलोना वल अमल" संगठन के प्रमुख शेख अहमद अल-क़त्तान ने एक बयान में कब्जाधारी इज़राइल की उन आपराधिक नीतियों की निंदा की, जिनका उद्देश्य उनके अनुसार फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों की फांसी को वैध ठहराना है। उन्होंने इस कृत्य को "बर्बरता और नैतिक पतन" करार दिया जो सभी अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों और संधियों का उल्लंघन करता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कैदियों के खिलाफ यह संगठित आतंकवाद, हमारे देश लेबनान के खिलाफ दुश्मन इज़राइल के लगातार हमलों और आक्रमण का एक और चेहरा है, और यह एक आपराधिक मानसिकता को दर्शाता है जो मानव जीवन या संप्रभुता को कोई मूल्य नहीं देता है।

शेख अल-क़त्तान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, मानवाधिकार संगठनों और सभी अरब एवं इस्लामी देशों से एकजुट होने और अपने नैतिक और कानूनी दायित्वों को निभाने का आह्वान किया, ताकि इन जुल्मी फैसलों को रोकने और इज़राइली आक्रमणों को समाप्त करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जा सके।

लेबनान के सुन्नी धर्मगुरु ने इन अपराधों के कर्ताओं को अंतर्राष्ट्रीय अदालतों में सजा दिलाने के लिए गंभीर प्रयास करने की भी मांग की, ताकि निर्दोष जानों को बचाया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस स्थिति का कैदी और लेबनान सामना कर रहे हैं, उसके प्रति मौन रहना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बचे हुए विवेक की एक वास्तविक परीक्षा है।

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